Sunday, January 23, 2022

उर्दू को हटाकर अब उत्तराखंड में रेलवे स्टेशनों के नाम संस्कृत में लिखे जाएंगे

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उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर देने के बाद अब उत्तराखंड स्थित रेलवे स्टेशनों पर लगे बोर्डों पर उर्दू भाषा में लिखे नामों को बदल कर संस्कृत में किया जाएगा।

इस संबंध में उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) दीपक कुमार ने कहा कि रेलवे की नियमावली के अनुसार प्लेटफॉर्म के साइनबोर्ड पर रेलवे स्टेशन का नाम हिंदी और अंग्रेजी के बाद संबंधित राज्य की दूसरी आधिकारिक भाषा में लिखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की दूसरी आधिकारिक भाषा संस्कृत है, इसलिए अब राज्य के प्लेटफॉर्म्स के साइनबोर्ड्स पर अब उर्दू की बजाय संस्कृत में लिखे जाएंगे। प्लेटफॉर्म साइनबोर्ड पर उत्तराखंड में रेलवे स्टेशनों के नाम अभी भी उर्दू में दिखाई देते हैं, क्योंकि उनमें से अधिकांश उस समय के हैं जब राज्य उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। उर्दू उत्तर प्रदेश की दूसरी आधिकारिक भाषा है।

उनके मुताबिक ये नाम अब भी उर्दू में इसलिए लिखे हैं क्योंकि इसमें से अधिकतर नाम तब के हैं जब उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का ही हिस्सा था। उत्तर प्रदेश की दूसरी आधिकारिक भाषा उर्दू है। उत्तराखंड का गठन 9 नवम्बर 2000 को किया गया था। उस समय स्टेशनों पर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में नाम लिखे थे। वह अभी तक उसी तरह लिखे हुए हैं।

सीनियर डिविजनल कमर्शल मैनेजर (डीसीएम) ने कहा, ‘राज्य के सभी रेलवे स्टेशनों का संस्कृत में सही-सही अनुवाद करना हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।’ रेलवे के एक अन्य अधिकारी एसके अग्रवाल ने कहा, ‘राज्य के जिन जिलों में रेलवे स्टेशन आते हैं, उनके जिलाधिकारियों को हमने पत्र लिखकर स्टेशनों की हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में सही स्पेलिंग पूछी है, हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।’

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