मुजफ्फरपुर: जात-पात पर लड़े मुसलमान, दो हिस्सों में बांट दी सड़क, मस्जिद का भी रोंक दिया रास्ता

11:07 am Published by:-Hindi News
muslim people praying
source: Youtube

बरसों पहले अल्लामा इकबाल ने कहा था कि एक ही सफ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज, न कोई बंदा रहा और न ही कोई बंदा नवाज। उन्होने ये अशआर इस्लाम में समानता के सिद्धांत पर कहे थे। जिसमे न तो को जात-पात है और नहीं कोई उंच-नीच। लेकिन मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड की पानापुर हवेली पंचायत स्थित दामोदरी टोला में जात-पात को आन-बान-शान बनाते हुए सड़क पर दीवार खींच दी। इतना ही नहीं मस्जिद का रास्ता भी रोंक दिया।

जानकारी के अनुसार, इस टोले में महज 70 घर हैं। यह मुस्लिम टोला शेख और अंसारी की आग में झुलस रहा है। आधी सड़क पर अंसारी बिरादरी और आधी पर शेख बिरादरी वाले चल रहे हैं। सड़क पर दीवार हो जाने से अब गांव में गाड़ियां नहीं जा सकतीं।

बीते 17 नवंबर को बशीर मियां के बेटे की शादी के भोज में मारपीट के बाद शेख और अंसारी के बीच विवाद ने तूल पकड़ा। पहले जमकर मारपीट हुई। इसके बाद 18 नवंबर को मोहल्ले की सड़क पर 300 फीट लंबी दीवार खड़ी कर दी गई।

मो. नसीरुद्दीन अंसारी के मुताबिक, यह सरकारी सड़क नहीं है। 15 साल पहले आपस में मन मिला तो सड़क बना ली थी। अब शेख अक्सर हमारे लोगों को नीचा दिखाकर मारपीट करते हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिए दीवार बनाई गई है। अब दीवार के उस पार के लोगों से हमारा कोई मतलब नहीं है।

शेख बिरादरी के मो. सलीम ने बताया कि हमारा खुदा एक, नबी एक और कुरान भी एक है। कई दशक तक हमने एक ही दस्तरखान पर खाना खाया, लेकिन कुछ लोगों ने इसे जातीय रंग दे दिया है। 50 परिवारों का रास्ता बंद है। मस्जिद तक जाने वाली इस सड़क को बंद कर दिया गया है।

काजी-ए-शहर मुफ्ती शमीमुल कादरी ने कहा कि इस्लाम में दिल में नफरत रखना सख्त गुनाह है। इसे माफ नहीं किया जा सकता। नबी-ए-पाक सड़क से कांटे व रोड़े चुनकर हटा देते थे ताकि किसी को तकलीफ नहीं हो। नफरत फैलाने वालों को अल्लाह का खौफ होना चाहिए।

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