Friday, October 22, 2021

 

 

 

मुजफ्फरनगर दंगा: जाट और मुसलमान केस लेंगे वापस, मुलायम सिंह ने कराया समझौता

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muzaffarnagar riots

उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए भीषण दंगोंमें 63 लोगों की मौत होने और 50 हजार लोगों के विस्थापित होने के बाद अब मुस्लिम और जाट समुदाय के प्रतिनिधियों ने समझौता करने का फैसला किया है.

दिल्ली में स्थित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के आवास पर हुई बैठक में दोनों समुदाय ने रविवार को दंगों में दायर मामलों को वापस लेने का फैसला लिया है. दंगों के दौरान कुतबा, कुतबी, पुरबलियां, काकड़ा और हदौली गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे. इन पांच गांवों में से 29 केस दर्ज किए गए थे.

इसके अलावा दंगों से जुड़े 1400 लोगों पर विभिन्न मामलों में केस दर्ज हुए थे. ध्यान रहे हाल ही में एक स्थानीय अदालत ने दंगो के मामले में मंत्री सुरेश राणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, भाजपा विधायक संगीत सोम, उमेश मलिक और अन्य के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है.

अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट मधु गुप्ता ने आरोपियों को 19 जनवरी 2018 को अदालत में पेश करने के लिए कहा है. इस मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी. इस मामले में विपिन बालियां समेत कई नेताओं ने मंगलवार को मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी.

इस मुलाकात के बाद एक कमेटी मुलायम सिंह के निर्देश पर बनाई गई. जो इन मामलों को सुलझाने और जिले में फिर से शांति बनाने के लिए काम करेगी. अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे ओमपाल नेहरा को इस कमेटी का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है.

बालियान ने कहा, ‘दिल्ली में मुलायम सिंह के आवास पर जैसा कि फैसला हुआ था, दंगे से सबसे ज्यादा प्रभावित पांच गांव रविवार को समझौते के लिए सहमत हो गए. अब ग्रामीण अगली सुनवाई पर अदालत के अंदर शपथपत्र दाखिल करेंगे.’

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