पुलिस के कड़े विरोध के बावजूद, संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) के सदस्यों और अन्य मुसलमानों ने रविवार को तेलंगाना सचिवालय के पास एक सड़क पर जौहर की नमाज अदा की।

छह महीने पहले ध्वस्त की गई दो मस्जिदों के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग को लेकर ‘चलो सचिवालय मार्च’ के तहत सचिवालय के करीब नमाज अदा की गई।

सचिवालय में विरोध कार्यक्रम के लिए JAC की घोषणा के बाद, सुबह से ही पुलिस पूरे हैदराबाद में सतर्कता बरत रही थी और MBT के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था और उन्हें नजरबंद रखा गया था।

हालांकि जेएसी के संयोजक मुश्ताक मलिक और अन्य कार्यकर्ता छिप गए और पुलिस को तब तक चकमा दिया जब तक कि वे वहां नहीं पहुंच गए और सचिवालय के पास बीएसएनएल कार्यालय के सामने नमाज अदा की।

पुलिस प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को जेसीसी सदस्यों सहित हिरासत में ले लिया। मलिक ने कहा, “हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि दोनों मस्जिदों को फिर से बनाया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा किया गया वादा झूठा साबित होता है।”

बता दें कि जुलाई 2020 में, पुराने सचिवालय भवन के आसपास के क्षेत्र में स्थित दो मस्जिदों को अधिकारियों द्वारा नए सचिवालय के निर्माण के लिए ध्वस्त कर दिया गया था।

मामले में तीन जनहित याचिकाएँ तेलंगाना उच्च न्यायालय के पास लंबित हैं।