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महाराष्ट्र में मराठा समाज की तर्ज पर मुस्लिम समुदाय ने भी आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है। शिक्षा और रोजगार में आरक्षण की मांग को लेकर ‘मुस्लिम मुक मोर्चा’ ने रविवार को पुणे में  एक विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने ‘गौ रक्षा’ के नाम पर मुसलमानों के हत्यारों के लिए भी सज़ा की मांग की, और वक्फ बोर्ड की ज़मीनों की वापसी के लिए भी आवाज बुलंद की।

प्रदर्शनकारियों में से एक ने एएनआई को बताया “पांच प्रतिशत आरक्षण हमें आवंटित किया गया है लेकिन किसी भी क्षेत्र में नहीं दिया जा रहा है। हमें शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण की जरूरत है। हम भी उन भूमियों को चाहते हैं जिन्हें वक्फ बोर्ड से अवैध रूप से लिया गया है।

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एक अन्य प्रदर्शनकारिणी ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के लिए अत्याचार कानूनों में संशोधन कर मुसलमानों की सुरक्षा का ख्याल रखा जाए। प्रदर्शनकारी शहर के गोली बाग क्षेत्र से शुरू होकर काउंसिल हॉल तक पहुंचे।

बता दें कि कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार ने 2014 में चुनाव के ठीक पहले मराठा आरक्षण के साथ मुस्लिमों को भी शिक्षा और रोजगार में 5 फीसदी आरक्षण दिया था। लेकिन अदालत ने रोजगार में 5 फीसदी आरक्षण पर रोक लगा दी थी, लेकिन शिक्षा में आरक्षण पर कोई रोक नहीं लगी। बावजूद शिक्षा में आरक्षण लागू नहीं किया गया।

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