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motiवादी ए जन्नत कश्मीर में साम्प्रदायिक ताकतों के मुंह पर एक बार फिर से करारा तमाचा मारते हुए स्थानीय मुस्लिमों ने धार्मिक सौहार्द की बड़ी मिलाल पेश की.

मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के वोसन नामक गांव के निवासी मोतीलाल राज़दान का बिमारी के बाद रविवार को निधन हो गया था. उनके अंतिम संस्कार के लिए मुस्लिम समुदाय आगे आया और पुरे हिन्दू रीती-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया.

पड़ोसी कश्मीरी मुसलमानों की एक विशाल भीड़ ने उनकी अर्थी को अपने कंधों, पर लेकर शमशान पहुंची. साथ ही अन्य धार्मिक कार्यों की जरूरतों को भी पूरा किया.

स्थानीय हिन्दुओं ने बताया कि अनुष्ठान में मौजूद अधिकांश लोग मुसलमान थे. हमने मिलकर उनका अंतिम संस्कार किया. हम हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कोई मतभेद नहीं है . हम यहाँ शांति और सद्भाव में रहते हैं.

ध्यान रहे मोतीलाल ने यह कह कर अपने मूल स्थान को कभी नहीं छोड़ा कि वह यहां अपने मुस्लिम मित्रों के साथ बड़ा हुआ और वह अपने ही लोगों के बीच मरना पसंद करेंगे.

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