बीजेपी शासित राज्यों में मुस्लिमों पर सबसे ज्यादा जुल्म, झारखंड सबसे आगे

10:55 am Published by:-Hindi News

नई दिल्ली: झारखंड के कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में कथित चोरी के आरोप में 24 साल के तबरेज़ अंसारी की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले ने देश को हिलाकर रख दिया है। देश का अल्पसंखयक समुदाय एक बार फिर से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

Factchecker.in वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल हेट क्राइम का यह 11वां उदाहरण था। भीड़ की हिंसा में अब तक चार लोग मारे जा चुके हैं जबकि 22 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में पूरे भारत में 297 घृणित अपराध हुए हैं, जिसमें 98 लोग मारे गए और 722 लोग घायल हुए। हालांकि Factchecker.in के डेटा के मुताबिक पिछले कुछ सालों में भीड़ की हिंसा में खासी बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं।

साल 2015 से पशु चोरी और हत्या को लेकर 121 मॉब लिचिंग की घटनाएं हुईं। इस मामले में साल 2012 से 2014 के बीच के आकंड़े को देखें तो ऐसा घटनाएं सिर्फ 6 बार घटीं। वहीं 2009 से 2019 के बीच जुटाए गए डेटा से संकेत मिले हैं कि इन घटनाओं में 59 फीसदी पीड़ित मुस्लिम समुदाय के लोग थे। इसमें 28 फीसदी मामले कथित तौर पर पशु चोरी और हत्या से जुड़े से पाए गए। आकंड़ों के मुताबिक 66 फीसदी घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में घटीं जबकि 16 फीसदी लोग कांग्रेस शासित राज्यों में मोब लिचिंग का शिकार बने।

बता दें कि 17 जून की रात में खरसावां के क़दमडीहा निवासी तबरेज़ को कुछ लोगों ने खंभे में बांधकर बेदर्दी से पीटा थे। इस दौरान उससे नाम पूछ कर ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे भी लगवाए गए। तबरेज के पत्नी शाइस्ता परवीन ने पुलिस को अपनी शिकातय में कहा है कि 17 जून को उसके पति जमशेदपुर जा रहे थे, उसी दौरान धातकीडीह गांव में पप्पू मंडल और उनके लोगों ने उनके साथ मारपीट की।

तबरेज के पत्नी का कहना है कि उनलोगों ने रात भर उनके पति को बिजली के खंंभे में बांधकर रखा गया। इस दौरान उनसे जबरन जय श्री राम और जय हनुमान का नारा भी लगवाया गया। शाइस्ता परवीन ने शिकायत मेंकहा कि रातभर मारपीट किए जाने के बाद सुबह उनके पति को सरायकेला जेल भेज दिया गया। तबरेज़ की शादी इसी साल 27 अप्रैल को हुई थी।

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