घरेलू हिंसा अधिनियम: मुस्लिम महिलाओं को भी मिलेगा गुजारा भत्ता: बॉम्बे हाई कोर्ट

7:08 pm Published by:-Hindi News

घरेलू हिंसा एक्ट के तहत बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि घरेलू हिंसा ऐक्ट के तहत मुस्लिम महिलाओं को भी सुरक्षा मिलेगी. यानि  मुस्लिम महिलाएं भी गुजारा भत्ते का दावा कर सकती हैं.

एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस भारती डांगरे ने मुंबई निवासी मुस्लिम युवक की याचिका खारिज करते हुए उसे अपनी पत्नी और दो बच्चों के लिए 1.05 लाख रुपये का मासिक भत्ता और घर का किराया देने का आदेश दिया है. बता दें कि पहले फैमिली कोर्ट ने भी यही फैसला दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है.

दरअसल, युवक ने फैमिली कोर्ट के आदेश को यह कहकर चुनौती दी थी कि दंपती इस्लामिक अलवी बोहरा समुदाय के ताल्लुक रखते हैं जो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अधीन है इसलिए विशेष घरेलू हिंसा निषेध कानून उन पर लागू नहीं होता.

इसके जवाब में हाई कोर्ट का कहना है कि घरेलू हिंसा अधिनियम मुस्लिम महिलाओं को इसके दायरे से अलग नहीं करता. जस्टिस भारती ने कहा, ‘यह ऐक्ट घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है और इसमें कहीं ऐसा नहीं कहा गया है कि वह मुस्लिम महिलाओं को इसके दायरे में नहीं रखता है.’

कोर्ट ने कहा कि कोई शख्स अगर पत्नी को तीन तलाक देने के बाद दूसरा निकाह कर लेता है तो भी वह अपनी पहली पत्नी के प्रति जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो सकता. दंपती की शादी 1997 में हुई थी और दोनों के दो बच्चे भी हैं. 2015 में महिला ने क्रूरता का आरोप लगाते हुए शादी रद्द करने के लिए फैमिली कोर्ट में अर्जी दी थी.

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