sikar

सीकर: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर तीन तलाक बिल के विरोध में सेमिनार आयोजित किया गया. जिसमे बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने हिस्सा लिया.

गुरुवार को शेखपुरा स्थित मुस्लिम मुसाफिर खाना में आयोजित इस सेमीनार में तीन तलाक बिल विधेयक का विरोध करने का प्रस्ताव पारित हुआ. जिसके तहत अब मुस्लिम महिलाएं 12 मार्च को मौन जुलूस निकालकर बिल के खिलाफ विरोध दर्ज करवाएगी.

सेमिनार में वक्ता के तौर पर शामिल हुए अतिया अंसारी ने कहा कि सरकार केवल तीन तलाक को मुद्दा बनाकर शरीयत में दखल देना चाहती है और उनका मकसद केवल परेशान करना है. समाज में औरतों को बहुत अहमियत दी गई, इस्लाम में बेटियों को रहमत बताया है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इस्लामी शरीयत में परिवर्तन करने का अधिकार किसी को नहीं : मौलाना असद

वहीँ शगुफ्ता फलाही ने कहा कि मौजूदा सरकार केवल तीन तलाक का बहाना बनाकर दखल अंदाजी हमें बर्दाश्त नही होगी. उन्होंने कहा कि इस्लाम में मर्द और औरत को बराबर तव्वजो दिया गया. लडक़ी का निकाह भी उसकी रजामंदी से ही होता है.

इसके अलावा सईदा ने कहा कि इस्लाम में प्रमुख किताब के कानून को मिटाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. हम कुरान के कानून को बदलने नहीं देंगे.

Loading...