Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

मुस्लिम छात्रों को परीक्षा हॉल में नहीं घुसने दिया, बरामदे में बैठने पर किया मजबूर

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मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना संकट के बीच ली गई परीक्षा के दौरान मुस्लिम समुदाय के बच्चों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है। शिक्षण संस्था ने मुस्लिम छात्रों को अलग से विद्यालय से बाहर बैठाकर परीक्षा ली। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है।

भोपाल मध्य क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुख्यमंत्री चौहान को पत्र लिखकर कहा है कि इंदौर के नौलखा स्थित बंगाली स्कूल को 12वीं की परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। यह परीक्षा केंद्र इस्लामिया करीमिया विद्यालय के छात्रों का भी है।

उन्होने आरोप लगाया कि नौ जून को आयोजित परीक्षा में इस्लामिया करीमिया विद्यालय के छात्रों को परीक्षा हॉल में नहीं घुसने दिया गया। इसका छात्रों ने विरोध, किया तब जाकर उन्हें बरामदे में बैठकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई।

कांग्रेस विधायक मसूद द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि जहां सांप्रदायिक सौहार्द का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए, वहां नफरत बांटी जा रही है। इस घटनाक्रम के लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इस घटनाक्रम के लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि एमपी में कोरोना मरीजों की संख्या 10 हजार के पार पहुंच गई है। बुधवार को सिर्फ 200 मरीज सामने आए हैं। राजधानी भोपाल में भी बुधवार को 85 नए कोरोना मरीज मिले हैं, जबकि इंदौर में कोरोना के 51 मरीज मिले हैं।

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