सिद्धार्थनगर : बात-बात पर हिन्दू-मुस्लिम का राग अलाप समाज में जहर घोलने वालों को मोहम्मद इलियास शेख प्रधान से सीख हासिल करनी चाहिए। दरअसल, उन्होने करीब 60 साल पुरानी शिव मंदिर को निजी खर्चे पर जीर्णोद्धार कराकर हिदू-मुस्लिम एकता को मजबूत किया है।

डुमरियागंज तहसील अन्तर्गत आने वाले मंदिर को संवारने में उन्होने अब तक करीब ढाई लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि इसको और भव्यता प्रदान कराने में करीब एक लाख रुपये और खर्च होने का अनुमान है। मो. इलियास जो पहले मुंबई में रहते थे, बाद में वह यहां आए और अपनी पत्नी को प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ाया, जिसमें वह निर्वाचित भी हुईं। उसके बाद वे मंदिर के जीर्णोद्धार कराने में जुट गए।

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वर्तमान में मंदिर का काफी हद तक कायाकल्प हो चुका है। मंदिर में लगे कारीगर के अनुसार करीब ढाई लाख रुपये लग चुके हैं, जबकि अभी लगभग एक लाख और लगने की उम्मीद है, इसके बाद मंदिर आकर्षक का केंद्र रहेगा।

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इलियास ने कहा, कि जब वे चुनाव के दौरान जनसंपर्क कर रहे थे, तो मंदिर की स्थिति को देखकर ही मन में ठान लिया था, कि अगर उन्हें मौका मिला, तो वह प्रधानी खर्च पर नहीं, बल्कि निजी पैसों से मंदिर की मरम्मत कराएंगे। जिसके चलते उन्होंने जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया, जो काफी हद तक पूर्ण हो चुका है। मंदिर के पास स्टील रेलिग, चारों तरफ फूल-क्यारी, फर्श पर इंटरलाकिग आदि कार्य कराया जाना बाकी है। निर्माण चल रहा है, शीघ्र ही इसकी भव्यता हर किसी को दिखाई देने लगेगी।

मंदिर प्रांगण में महाशिवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन होता आ रहा है। वर्तमान में मंदिर काफी पुराना हो गया था। जिसका जीर्णोद्धार किन्हीं कारण वश नहीं हो पा रहा था।

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