Monday, October 25, 2021

 

 

 

‘भारत को स्वतंत्र कराने में मुस्लिम धर्म गुरुओं का विशेष योगदान रहा’

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देश के सबसे बड़े छात्र संगठन मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया कौशाम्बी यूनिट ने 15 अगस्त को धाता रोड नया नगर स्थित कारी अकबर साहब के हॉल में स्वतंत्रता दिवस मनाया प्रोग्राम का आगाज कुरान करीम की तिलावत से हुआ उसके बाद बारगाह ए रिसालत में नात शरीफ पढ़ कर खिराज ए अकीदत पेश की गई।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना आरिफ बरकाती ने एम एस ओ का इंट्रोडक्शन कराते हुए बयान सिताब किया के एमएसओ अहले सुन्नत वल जमात की वह तंजीम है जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि हिंदुस्तान के अंदर 22 राज्यों में कार्यरत है । तंजीम के विभिन्न कार्यों में एक कार्य यह भी है कि मुस्लिम वर्ग के छात्रों को शिक्षा की ओर प्रेरित करना, सामाजिक बुराइयों को दूर करना, गरीब लोगों की मदद करना, भूखों को खाना खिलाना,और सबसे अहम काम ईमान व अकीदा की हिफाज़त करना है।

तकरीर करते हुए मौलाना ने कहा कि भारत को स्वतंत्र कराने में मुस्लिम धर्म गुरुओं का विशेष योगदान रहा है जिसमें अल्लामा फजले हक खैराबादी मौलाना सैयद किफायत अली काफी का नाम सुनहरे अल्फाज में लिखने लायक है इसलिए के इन हजरात ने अपनी जान को वतन पर निछावर किया हुकूमत के खिलाफ फतवा जारी किया जिस पर अंडमान निकोबार यानी कालापानी भेजने की सजा सुनाई गई खुशी ख़ुशी फांसी के फंदे को चूम लिया परंतु अंग्रेजों के आगे घुटने नहीं टेके ।

एमएसओ रामपुर यूनिट के जिला अध्यक्ष मुफ्ती अजीम अज़हरी ने खिताब करते हुए कहा कि अट्ठारह सौ सत्तावन ईसवी में जो क्रांति अमल में आई उसमें मुस्लिम धर्म गुरुओं का विशेष योगदान रहा 1857 के ऐलान के बाद 27000 मुस्लिम धर्म गुरुओं को जबरदस्ती फांसी की सजा दे दी गई इन लोगों ने अपनी जान तो दे दी किंतु अंग्रेजों की गुलामी कुबूल नहीं की इसलिए कि समस्त भारतीय स्वतंत्र भारत का सपना देख चुके थे और 1857 में स्वतंत्रता पाने के लिए बिगुल बज चुका था। आगे कहा कि मुसलमान अपने बुजुर्गों द्वारा दी गई कुर्बानियों को न भूलें ।

दारा नगर इंटर कॉलेज के अध्यापक मास्टर शाह आलम साहब ने भी स्वतंत्रता सेनानी की जिंदगी पर रोशनी डाली और उन्होंने बताया कि देश को आजाद कराने के लिए 65000 मुस्लिम धर्मगुरुओं ने 1857 से 1947 तक अपनी जान को कुर्बान कर दिया था।  मदरसा एहसानिया के अध्यापक मौलाना नूर आलम साहब ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए लोगों को याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की ।

कार्यक्रम का संचालन मौलाना अबरार मिस्बाही ने किया | एम० एस० ओ० कौशांबी यूनिट के जिला अध्यक्ष हसन एहसानी ने समस्त वक्ताओं एवं अतिथि व समस्त उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया। आख़िर में देश मे अमन और देश की तरक्की के लिए दुआ की गई इस मौके पर मास्टर नदीम, जमील एहसानी, मोहम्मद शोएब (ज़ैन ), मोहम्मद मुसर्रत अली (रानू), मोहम्मद क़ासिम, ज़ीशान फ़ारूक़ी, अमीर खुसरू, मोहम्मद ताबिश, कैफ़ू इत्यादि लोग मौजूद रहे !!

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