namaz 1531398739 618x347

बाबरी मस्जिद की जमीन पर राम मंदिर निर्माण की वकालत से अयोध्या पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को न तो वजू के लिए सरयू का पानी मिला और नहीं वे नमाज पढ़ सके। हालांकि मुंह छुपने के लिए अपने कार्यक्रम को बदलते रहे।

दरअसल, साधुओं और हिंदूवादी नेताओं के विरोध के बाद प्रशासन ने सरयू तट पर कार्यक्रम नहीं होने दिया। इस कार्यक्रम के तहत मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता सरयू नदी में वजू करने के बाद कुरान की आयतें पढ़ते और फिर अयोध्या में राम मंदिर के लिए दुआएं करते।

babri masjid

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

लेकिन हनुमानगढ़ी के साधु राजूदास, शिवसेना नेता संतोष दुबे और हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के विरोध के बाद ये कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। हनुमानगढ़ी के साधु राजू दास ने कहा, सरयू में वजू करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. यह सब एक ड्रामा है और सिर्फ सियासी रोटी सेंकने की कवायद है।

इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता व अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद का गठन करने वाले प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ऐसा कर के मस्जिद निर्माण की नींव डाल रहा है।

वहीं शिया धर्मगुरु मौलाना कल्वे जव्वाद ने कहा, आरएसएस ने ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ नाम का कोई मोर्चा बनाया है, जिसमें कुछ बेईमान लोग भी शामिल हो गये हैं। यही बेईमान लोग मुसलमानों को करीब करने के बजाय भाजपा से दूर ले जा रहे हैं।