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ज्ञापन देने से पहले उपस्थित मुस्लिम व्यापारी और दुकानदार

भवानीममंडी: राजस्थान के बूँदी ज़िले में स्थित बाबा मीरा साहब की पहाड़ी पर दरगाह के करीब अवैध मूर्ति के पूजन के मामले में विश्व हिन्दू परिषद की और से बुलाए गए हाड़ोती बंद का मुस्लिम संगठनों ने विरोध किया है.

शहर के मुस्लिम लोगों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर इस बंद से मुस्लिम व्यापारियों और दुकानदारों ने अपने अलग होने के बारें में सूचित किया. साथ इस बात की भी जानकारी दी कि बंद के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग सुचारू रूप से अपने व्यापार को जारी रखेंगे.

ज्ञापन में कहा गया कि इस बंद का कोई औचित्य नहीं है. अगर जोर-जबरदस्ती के साथ दुकाने बंद कराई जाती है परिणामस्वरुप अगर कोई कोई विवाद या हिंसा होती है तो इस पुरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

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ये है मामला:

बून्दी शहर की ऐतिहासिक दरगाह जिसे हज़रत बाबा मीरा साहब (रह.) के नाम से जाना जाता है. ये  दरगाह तारागढ़ के नाम से भी प्रसिद्ध हैं. यह दरगाह बून्दी में तीन पहाड़ियों में से एक पहाड़ी जो सबसे ऊंची औऱ बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है. साथ ही रास्ते में भी एक दरगाह है. जो हज़रत बाबा दूल्हे साहब (रह.) की हैं.

दरगाह के मैन गेट रोड़ पर छोटी ईदगाह स्थित है. जहाँ से दरगाह जाने के लिए 15 फिट का छोड़ा रास्ता भी बना हुआ है. यहाँ पर पुरातात्विक काल से एक छतरी थी जो 1917 में तेज़ अंधी-तूफ़ान के चलते गिर गई और जमीन में धंस गई. जिसको बूंदीवासी और प्रशासन भी भूल गया था.

कथित तौर पर बीते 27 अप्रैल, 2017 को टाइगर हिल की आड़ में  विशव हिन्दू परिषद, शिव सेना औऱ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने छतरी की जगह पर अवैध तरीके से हनुमान की मूर्ति रख दी. प्रशासन ने दबाव के चलते बाद में यहाँ पर चबूतरे का निर्माण करा दिया.

इसी बीच भगवा संगठनों ने नव वर्ष के मौके पर 1 जनवरी को पूजन कार्यक्रम का ऐलान किया. भगवा संगठनों का दावा है कि पुराने जमाने में मानधाता छतरी में देव प्रतिमाएं स्थापित थीं, पुजारी और आम नागरिक पूजा करते थे. हालांकि प्रशासन ने इस पूजन की अब तक इजाजत नहीं दी.

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