हाल ही में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के कारण पश्चिम बंगाल हिंसा की आग में झुलस गया था. बावजूद इसके राज्य में साम्पदायिक सद्भाव अब भी बना हुआ है.

नदिया जिले के एक दूरवर्ती गांव में एक हिंदू परिवार के पास उनके पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे. ऐसे समय में उनके मुस्लिम पड़ोसी मदद के लिए आगे आए और उनकी हर संभव मदद की. दरअसल धावापाड़ा गांव के अकाली सरदार का कल निधन हो गया था. अंतिम संस्कार के लिए शव को करीब 26 किलोमीटर दूर श्मशान घाट तक ले जाना था. लेकिन इसके लिए परिवार के पास पैसे नहीं थे.

ऐसे में हिंदू पडोसी का दुःख को अपनाते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग खुद आगे आये. बाकायदा मस्जिद से मदद का ऐलान किया गया. पैसों की मदद के साथ शव को श्मशान तक लेकर गए. साथ ही सभी रस्में आगे रहकर पूरी भी करवाई.

तेहाा 2 के ब्लॉक विकास अधिकारी बीडीओ अभिजीत चौधरी ने अकाली सरकार के परिवार की मदद करने के लिए गांववालों को बधाई दी. बीडीओ ने कहा, इलाके के मुस्लिमों ने सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण पेश किया है.

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