camp

उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला दंगों के बाद से ही सांप्रदायिक तनाव से गुजर रहा है। बावजूद यहाँ के मुसलमान सांप्रदायिक एकता के लिए जुटे हुए है। वे यहां से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए कैंप लगाकर उनकी सेवा कर रहे है।

मुस्लिम बहुल इलाके मीनाक्षी चौक इलाके में कांवड़ियों की सेवा के लिए बाकायदा केंप लगाया गया है। जहां दूर से चलकर आ रहे कांवड़ियों की पैरों पर मालिश की जा रही है।

पैगाम-ए-इंसानियत के कैंप में काम करनेवाले दिलशाद पहलवान बताते हैं, ‘हमारे काम की आलोचना करने वालों के बारे में मैं नहीं सोचता। मेरे लिए कांवड़ियों के पैर की मालिश करना ज्यादा महत्वपूर्ण है, वे लंबी दूर से पैदल चलकर आते हैं और काफी थके होते हैं।’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

वहीं एडवोकेट असद जमा का कहना है कि ‘मेरा धर्म दूसरे मत के लोगों की मदद करने को कहता है इसलिए मैं सड़क पर कांवड़ियों की मदद के लिए आया हूं।’

पुरकाजी नगर पंचायत के नवनिर्वाचित चेयरमैन जहीर फारुकी कहते हैं, ‘पहली बार यह कैंप पुरकाजी में ही बनाया गया था। हमने कांवड़ियों को जरूरी चीदें देने में मदद की थी। हमारे कार्यकर्ता शहर की सीमा पर यात्रियों का स्वागत करने के लिए खड़े रहते थे।’

इस बारे में मुजफ्फरनगर के एसपी ओमवीर सिंह ने कहा, ‘मुस्लिम समुदाय के ये नेता और युवक दोनों समुदायों की बीच खोया विश्वास लौटाने के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।’

Loading...