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कोहराम न्यूज़ के लिए गुजरात से ईरफान सैयद की रिपोर्ट 

गुजरात में विधानसभा चुनाव 2017 की तारीखों का ऐलान होना है। इस बीच दोनों प्रमुख पार्टीयों कांग्रेस और भाजपा में उम्मीदवार के चयन की आखरी प्रक्रिया चल रही है।

गुजरात में सिर्फ एक सीट जमालपुर-खाडिया ऐसी है जिस में मुस्लिम मतदाता ज्यादा है। बरसों से यह सीट कांग्रेस का गढ रहा है, लेकिन बडे नेताओं के सियासी दांव के चलते 2012 के पिछले चुनावों में कांग्रेस ने अपने विधायक साबीर काबलीवाला को काटकर बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया। ईस घटना से आहत हो कर साबीर काबलीवालाने कोंग्रेस से बगावत कर निर्दलीय के रुप में चुनाव लडा था और कोंग्रेस के उम्मीदवार को कडी टक्कर भी दी थी। कोंग्रेस के ही दो लोगों में हुुई टक्कर से भाजपा को फायदा हुआ था और कोंग्रेस पार्टी को अपना गढ रही जमालपुर सीट गँवानी पडी थी।

गुजरात में भरतसिंह सोलंकी के कोंग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद वे फिर साबीर काबलीवाला को पार्टी में ले आये थे क्योंकि काबलीवाला जमालपुर की छीपा कम्युनिटी से है जिन में से पहले स्वर्गीय उस्मानगनी देवडीवाला विधायक हुआ करते थे। ईस बार साबीर काबलीवाला शायद आश्वस्त है कि कोंग्रेस उन्हीं को जमालपुर से टिकट देगी। लेकिन इस बार साबीर काबलीवाला को उन्हीं की कम्युनिटी के इमरान खेडावाला चुनौती दे रहे है। जो जमालपुर सीट से ही निर्दलीय पार्षद है। उन्हें महानगरपालिका में कांग्रेस से टिकट नहीं मिली थी जिस के बाद वे निर्दलीय लड कर पार्षद बने थे।

जमालपुर-खाडिया सीट मुस्लीम बहुमूल्य वाली है जिससे यहां के कई मुस्लीम नेता चुनाव लड कर विधायक बनना चाहते है। इस बात को लेकर कोंग्रेस के कई नेताओं ने यहां से टिकट मांगी है। जिसमें फिलहाल राहुल गांधीकी टीम के सदस्य खुरशीद सैयद, मुन्सिपलिटी के पूर्व नेता विपक्ष बदरुद्दीन शेख, NSUI के विद्यार्थी नेता एवम पार्षद शाहनवाज शेख, साबीर काबलीवाला और निर्दलीय पार्षद इमरान खेडावाला प्रमुख है। इतने सारे नेताओं के दावे को देख कर कांग्रेस कश्मकश में है कि क्या किया जाए? अगर टिकट देने में कुछ गरबड हुई तो फिर ये सीट हाथों से निकल जाएगी। इस लिए कांग्रेस पार्टी एक टेलिफोनिक सर्वे कर रही है जिसमें जमालपुर-खाडिया ईलाके के लोगों को फोन किया जा रहा है और पूछा जा रहा है वे किसको पसंद करते है।

जमालपुर-खाडिया सीट की खिंचातान को देखकर कांग्रेस आखरी दिन भी उम्मीदवार घोषित कर सकती है। दुसरी तरफ यहां से भाजपा के मौजुदा विधायक भुषन भट्ट मुस्लिमों में अपने काम से लोकप्रिय हो चुके है मगर उन्के चाहनेवालों ने उमरेठ से उनके लिया टिकट मांगी है। गुजरात के तमाम मुसलमानों की नजर भी इस सीट पर बनी हुई है कि यहां 2017 में कोंग्रेस जीतेगी या फिर अंदरुनी झगडे में 2012 की तरह भाजपा बाजी मार जायेगी।

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