Wednesday, September 22, 2021

 

 

 

खान ने दे दी अपनी जान लेकिन ईमान का सौदा नहीं किया

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नई दिल्ली एनडीएमी में डिप्टी लॉ ऑफिसर के पद पर कार्यरत मोहम्मद मोइन खान ने अपनी जान दे दी लेकिन अपने ईमान का सौदा नहीं किया। दिल्ली के जामिया नगर में रविवार रात करीब 7 बजे एडवोकेट खान की उन्हीं की कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खान एनडीएमी में डिप्टी लॉ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे और साथ ही स्टेट लॉ ऑफिसर का काम भी देख रहे थे। कई बार मोटी रकम का लालच और धमकियों का डर भी जब खान को खरीद न सका तो उनकी हत्या कर दी गई।

खान के मर्डर केस में बिजनसमैन रमेश कक्कड़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही 2 शूटर समेत अन्य 7 को भी गिरफ्तार किया गया है। रमेश कक्कड़ ने अपने एक्स-बाउंसर को दो लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट देकर उनका मर्डर करा दिया था।

पुलिस ने बताया कि साउथ दिल्ली के पॉश इलाके सफदरजंग डिवेलपमेंट एरिया में रहने वाला रमेश कक्कड़ (48) पिछले कई सालों से मुकदमेबाजियों में फंसा हुआ था। उसके खिलाफ दिल्ली के अलावा अमृतसर और रुड़की में चीटिंग के मुकदमे दर्ज हैं। पटियाला हाउस कोर्ट में उनके खिलाफ चेक बाउंस के आरोप में केस चल रहा है। जालसाजी के केस में उससे सीबीआई ने भी पूछताछ की थी। इन केसों के अलावा, फोर स्टार होटल ‘कनॉट’ के मामले में उस पर एनडीएमसी की कार्रवाई चल रही थी।

गौरतलब है कि यह होटल एनडीएमसी ने बनाया था। 15 साल पहले यह होटल एनडीएमसी ने रमेश कक्कड़ को लीज पर दिया था। अग्रीमेंट की शर्त यह थी कि रमेश एनडीएमसी को कम से कम 21 लाख रुपये सालाना देगा, लेकिन अगर होटल से कमाई इससे ज्यादा होती है तो कमाई का 23 पर्सेंट पेमेंट एनडीएमसी को करना होगा। हुआ यह कि कमाई 21 लाख रुपये से ज्यादा होती रही, लेकिन रमेश कक्कड़ हर साल 21 लाख ही एनडीएमसी के खाते में जमा करता रहा।

एनडीएमसी में यह मसला उठने पर रमेश पर 140 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई और उसकी लीज खत्म करने की कार्रवाई शुरू की गई। रमेश हाई कोर्ट गया। वहां उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट ने एनडीएमसी को आदेश दिया कि जो भी ऑर्डर करना है, वह छह महीने में कर दिया जाए। दिल्ली में केजरीवाल सरकार आने के बाद एनडीएमसी में ईमानदार छवि वाले असिस्टेंट लीगल एडवाइजर मुहम्मद मोईन खान को एस्टेट्स अफसर बना दिया गया था। यह पद अहम माना जाता है। होटल कनॉट की फाइल उनके पास थी। वह 17 मई को इस फाइल पर ऑर्डर करने वाले थे।

मोईन खान के बारे में रमेश कक्कड़ को पूरा यकीन था कि वह उसके खिलाफ ही ऑर्डर पास करेंगे। पुलिस ने बताया कि रमेश ने खान को कई बार मोटी रकम का लालच दिया था। लेकिन खान ट्रैप में नहीं आए तो धमकियां भी दी गईं और दबाव भी डलवाया गया था। हालांकि खान ने धमकियों के बारे में पुलिस कंप्लेंट नहीं की थी, लेकिन उन्होंने अपने परिवार के सामने इस बारे में बताया था।

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