अमलराज पीटर दसन

गोरेगांव के टोपीवाला थिएटर में एक बुजुर्ग को नशे में धुत एक व्यक्ति ने इसलिए पीटा क्योंकि वह फिल्म में राष्ट्रगान बजने के दौरान खड़ा नहीं हो पाया.

राष्ट्रगान के नाम पर गुंडागर्दी का ये वाक्या अमलराज पीटर दसन के साथ पेश आया है जो टोपीवाला थिएटर में दंगल फिल्म देखने गए थे. उन्होंने बताया, ‘मैं अपने कर्तव्य का पालन करते हुए फिल्म शुरु होने से पहले राष्ट्रगान की धुन पर खड़ा हुआ था. फिल्म में एक सीन आया जब आमिर खान के किरदार की बेटी गोल्ड मेडल जीतती है, तब बैकग्राउंड में राष्ट्रगान बजता है. उसी समय नशे में चूर एक आदमी ने उठकर बैठे हुए लोगों को गाली बकना शुरु कर दिया.

उन्होंने आगे कहा, मुझे नहीं पता था कि वह सबसे खड़ा होने को कह रहा था. इसी दौरान उसने मुझपर मुक्का जड़ दिया. हॉल की सिक्युरिटी ने उसे उठाकर बाहर कर दिया. मुझे नहीं पता था कि कब किस में राष्ट्रगान बजेगा और हमें खड़ा होना पड़ेगा.

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उन्होंने सेंसर बोर्ड को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड को इस बारें में अलर्ट जारी करना चाहिए कि किस सीन पर खड़ा होना है. यह ऐसा समय है जब कोई किसी को मारने से पहले दो बार नहीं सोचता.’ आरोपी शिरिष मधुकर को पुलिस ने घटना के बाद हिरासत में से लिया.

नशे में चूरआरोपी शिरिष मधुकर को बुजर्ग ने माफ़ी मांगने पर माफ़ कर दिया. आरोपी ने कहा कि  वह शराब के नशे में भावनाओं में बह गया था.

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