muf

muf

जबलपुर: मुफ्ती-ए-आजम मध्य प्रदेश मौलाना महमूद अहमद कादरी का गुरुवार को इंतकाल हो गया. 90 वर्षीय मौलाना महमूद अहमद कादरी के इंतेकाल की जैसे ही  खबर फैली. उनके चाहने वाले गम में डूब गए.

मौलाना महमूद अहमद कादरी के न केवल मुस्लिम ही चाहने वाले थे, बल्कि गैर मुस्लिमों को भी उनसे बेहद ही मुहब्बत थी. जिसका कारण उनका शांति और सौहार्द्र के लिए सामाजिक समरसता का परिचय देना. उन्होंने हमेशा अपने जीवन में आपनी मुहब्बत, भाईचारे को बढ़ाने पर जोर दिया.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

शुक्रवार को दोपहर नमाज के बाद दारूस्लाम उपरैनगंज से उनका जनाजा ईदगाह कलां रानीताल रवाना हुआ. वहीँ पर उनकी जनाजे की नमाज अदा हुई. साथ ही वहीँ पर उनको सुपुर्देखाक किया गया.

मौलाना साहब के इंतकाल की खबर के बाद से ही लोग उनके जनाजे में शामिल होने के लिए एकजुट होना शुरू हो गए. जिसके चलते पुलिस को यातायात आदि की व्यवस्था भी करनी पड़ी.

Loading...