लखनऊ। मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (एमएसओ) ने शुक्रवार को सराय शेख स्थित मदरसा जामिया गरीब नवाज में “रफी अहमद किदवई का समाज में योगदान और हमारी जिम्मेदारियां” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम का आगाज कुरान पाक की तिलावत से हुआ।

कार्यक्रम के संयोजक अबू अशरफ, प्रदेश अध्यक्ष, एम एस ओ ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए रफी अहमद किदवई का संक्षिप्त परिचय दिया और उनके आजादी की लड़ाई में योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रफी अहमद किदवई महात्मा गांधी से इतना ज्यादा प्रभावित थे कि वह स्वयं भी उनके आह्वाहन पर स्वतंत्रता संग्राम में कूद गए और देश की आजादी के बाद भी केंद्रीय कैबिनेट में रहते हुए पूरे दमखम के साथ राष्ट्र सेवा की। उन्होंने कहा कि रफी अहमद किदवई की भांति देश की आजादी में असंख्य मुस्लिमों का योगदान रहा है और इस समय जरूरत है कि हम सब सांप्रदायिक भावनाओं से ऊपर उठकर देश की तरक्की में अपना योगदान दे।

मौलाना शोएब उल कादरी ने अपने भाषण में वतन से मोहब्बत पर जोर दिया उन्होंने मुल्क के सभी नागरिकों को विशेष तौर से मुस्लिमों का आवाहन करते हुए उन्हें अपनी पूरी शक्ति से देश की खिदमत करने की सलाह दी। उन्होंने देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच बढ़ती हुई दूरी तथा मुस्लिमों के प्रति विश्व स्तर पर अन्य राष्ट्रों के नागरिकों में बढ़ते हुए अविश्वास पर भी चिंता जाहिर की और समस्त मुस्लिमों विशेष तौर पर युवाओं का आह्वाहन किया कि वे समाज में अपने अच्छे कार्यों द्वारा एक सकारात्मक रोल मॉडल पेश करें ताकि समाज में फैली भ्रांतियां दूर हो सकें।

अन्य वक्ताओं ने भी समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने के प्रयासों पर जोर देने तथा देश की एकता एवं अखंडता पर जोर दिया। कार्यक्रम में कोविड-19 प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा गया और सैनिटाइजर तथा फेस मास्क के साथ साथ समस्त श्रोताओं  ने उचित दूरी बनाए रखी।

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं एवं श्रोताओं ने देश की तरक्की एवं समाज में एकता, भाईचारा कायम रखने के लिए दुआ की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कारी शाहिद रजा, मैनेजर जामिया गरीब नवाज आजम सिद्दीकी, शराफत खान, इमरान, सलमान खान आदि ने शिरकत की।

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