लखनऊ: मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इंडिया के बैनर तले मदरसा वारसिया हयूल उलूम जुग्गौर में ‘भारत के संविधान में अल्पसंख्यकों के अधिकार’ पर सेमिनार का आयोजन किया गया। दरगाह अब्दुल हय वारसी (रह) के सज्जादानशीन हजरत शाहवेज वारसी की निर्देशन में हुए इस सेमिनार को अल्पसंख्यकों को संविधान प्रदत्त अधिकारों के लिए जागरूक किया गया।

अपने संबोधन में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र नेता अब्दुल बारी बरकाती ने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारत के संविधान में अनुच्छेद 29 और 30 के अंतर्गत अल्पसंखयक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन, 44वें संशोधन अधिनियम तथा अल्पसंखयकों के अधिकार पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान उन्होने DAV कॉलेज बनाम भटिंडा, अजीज वासा बनाम भारत संघ, मद्रास राज्य बनाम चम्पाकम दोरेराजन जैसे महत्वपूर्ण मामलों की भी जानकारी दी।

वहीं लखनऊ से आए अब्दुल नईम ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की तरफ से अल्पसंखयकों के लिए कई तरह योजाना चलाई जा रही है। जिसमे अल्पसंखयक समुदाय के लिए  प्री मेट्रिक, पोस्ट मेट्रिक और मेरिट कम छात्रवृति, छात्राओं के लिए बेगम हजरत महल, युवाओ के रोजगार के लिए हुनर हाट जैसी योजनाएं चलाई जा रही है। हमें चाहिए कि हम उसकी जानकारी हासिल करें और उस से फायदा उठायें।

कार्यक्रम के संयोजक अबू अशरफ जीशान सईदी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मुफ्ती सनाउल मुस्तफा मिस्बाही, अफरोज भाई, नूरखान, इमरान, मौलाना अतहर, ज़ैन अल आबिदीन, हाजी अशद अली सैय्यद तौहीद अहमद उर्फ ​​पप्पू (कोटेदार), हशमत अली मुन्ना, हाफिज रकीम साहब, जफर अली, हसीब वारसी, अबरार अहमद, इमरान खान, मोहम्मद अफरोज खान और लखनऊ से आए विद्वानों, छात्रों और लोगों ने शिरकत की।

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