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15 वर्ष पूर्व खुल्दाबाद फ्लाईओवर पर हुई जसवीर सिंह उर्फ नीटू सरदार की हत्या में आरोपी बनाये गये पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत सभी आरोपितों को शनिवार को एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद भी पेशी पर कोर्ट पहुंचे थे।

रिकॉर्ड के अनुसार 23 मई 2003 की रात नौ बजे के करीब मीरापुर निवासी जसवीर सिंह उर्फ नीटू सरदार को गोली मार दी गयी थी. वह सिविल लाइंस में परफेक्शन हाउस शाप चलाता था। इस मामले में रिपोर्ट सिकंदर सिंह नुरुल्ला ने खुल्दाबाद थाने में दर्ज करायी थी।

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तहरीर में उन्होंने लिखा था कि रात 9.20 बजे बेटे ने फोन कर बताया कि उसे सरदार जोगेन्दर सिंह ने गोली मरवा दिया है। वह घटनास्थल पर अपने भाई व बड़े पुत्र के साथ पहुंचे और नीटू को लेकर मोती लाल नेहरू अस्पताल गये जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विवेचना के बाद पुलिस ने अहमद फहीम जैद, मो जाकिर, मो कैफ कैफी, शेरू सिराज, नरेंद्र सिंह पप्पू सरदार, अतीक अहमद, खालिद अज़ीम उर्फ अशरफ के खिलाफ चार्जशीट फाइल की. अतीक और अशरफ को हत्या का षड़यंत्र रचने का आरोपी बनाया गया।

वादी ने बयान में कहा कि घटना से 2-3 माह पहले जुलूस में अतीक अहमद ने उनसे कहा था कि तुम्हारा लड़का जोगेन्दर सिंह से बहुत बदतमीजी करता है। उसे समझा लो, नहीं तो मारा जाएगा। आरोप पत्र लगने के बाद 16 दिसम्बर 2006 को मुकदमा सेशन कोर्ट को सुपुर्द हुआ। अभियोजन ने 12 गवाह पेश किए लेकिन एक भी गवाह घटना में आरोपियों की भूमिका साबित करने में समर्थ नहीं रहा। बाद में यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में आ गया।

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