गुजरात सरकार ने लैंड सीलिंग एक्ट के तहत ली गई जमीन को भूमिहीन दलितों में बांटने का फैसला किया था. ये जमीन कागजों में ही आवंटन की गई लेकिन लाभार्थियों को जमीन नहीं मिली.

गुरुवार को इसको लेकर धंधुका तहसील के सैकड़ों दलित अहमदाबाद में प्रदर्शन भी कर चुके हैं. दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वाईब्रेंट गुजरात सम्मेलन में सरकार के साथ करार करने वाले औद्योगिक घरानों को ताबड़तोड़ जमीन दी जाती है, लेकिन दलितों को कानून होने के बावजूद जमीन का हक़ नहीं मिल रहा.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

मेवाणी ने कहा कि जहां-जहां जमीन का आवंटन दलितों को सिर्फ कागजों पर हुआ है वहां, 7 दिनों के भीतर दलितों को जमीन भी दी जानी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो राज्यभर के दलित इकट्ठा होकर 10-11 जनवरी को होने जा रहे वाईब्रेंट गुजरात सम्मेलन का विरोध करेंगे.

दलितों से पहले पाटिदार, ओबीसी आंदोलन आदि संगठन इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री को घेरने की घोषणा कर चुके हैं. ऐसे में कार्यक्रम के विरोध की घोषणा की वजह से सरकार पुख्ता सुरक्षा इंतिजाम में लगी हैं.

Loading...