Thursday, September 23, 2021

 

 

 

पीएम मोदी महिलाओं के अधिकारों के हैं फिक्रमन्द, तो पहले अपने घर से करें शुरुआत: रिजवाना खातून

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तीन तलाक को लेकर चल रही बहस में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महोबा की परिवर्तन रैली में तीन तलाक को लेकर दिए गये बयान ने आग में घी डालने का काम किया हैं. पीएम मोदी के इस बयान का अब मुस्लिम महिला संगठनों ने भी खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया हैं.

इस मामले को लेकर उलेमा काउंसिल ऑफ इण्डिया की महिला विंग अध्यक्ष रिजवाना खातून ने केन्द्र सरकार और प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी जी अगर सच में महिलाओं के अधिकारों के लिए इस कदर फिक्रमन्द हैं तो पहले इसकी शुरुआत अपने घर से करें. बाद में वह दूसरों के घर मे झांके.

रिजवाना ने आगे कहा कि तीन तलाक और शादी वगैरह मुसलमानों के निजी और मजहबी अधिकार हैं. मुसलमान संविधान में मिले धार्मिक अधिकार के तहत अपने धर्म के अनुसार ही शादी और तलाक वगैरह नियमों का पालन करेंगे.

उन्होंने कहा, शरीयत खुद तीन तलाक को गुनाह ए कबीरा करार देती है और सख्त नापसन्द करती है. लेकिन तलाक मसले का हल भी इस्लाम ने दे रखा है. अगर इसका हल तलाशना है तो इस्लाम और शरीयत में ही तलाशना होगा, न कि अदालत और संसद में.

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