Friday, September 24, 2021

 

 

 

MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी – घर में घुसकर मुस्लिमों से मांगे नागरिकता के सबूत, पुलिस ने भी हिरासत में रखा

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सीएए और एनआरसी के विरोध में जारी प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम परिवारों के साथ गुंडागर्दी करते हुए तीन मुस्लिम परिवारों के घर में जबरन घुसकर उनसे कागज मांगे। इतना ही नहीं इस गुंडागर्दी में पुलिस भी मददगार बनी।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को पार्टी नेता राहुल गवली के नेतृत्व में लगभग 40-50 मनसे कार्यकर्ताओं का एक समूह धनकवड़ी के बालाजीनगर इलाके में गुलमोहर अपार्टमेंट में पुलिस कर्मियों के साथ एक मकान में घुस गया। कार्यकर्ताओं ने तीन “संदिग्ध बांग्लादेशियों” के घरों में घुसकर उनसे खुद के भारतीय साबित करने वाले दस्तावेज मांगे।

दिलशाद मंसूरी, रोशन शेख और बप्पी सरदार के रूप में पहचाने जाने वाले तीनों लोगों से वहां रह रहे अन्य निवासियों के सामने पूछताछ की गई। हालांकि उन लोगों ने खुद को भारतीय साबित करने लिए दस्तावेज दिखाए और कहा कि वे पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं, इसके बावजूद उन्हें सहकार नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। तीनों व्यक्तियों को शाम तक थाने में बैठाकर रखा गया। दिलशाद कच्ची दाबेली का स्टॉल चलाते हैं। बप्पी इलेक्ट्रीशियन हैं और रोशन शेख सोने और चांदी के गहनों की पॉलिश करने का काम करते हैं। दो बच्चों के पिता रोशन शेख ने कहा कि वे हुगली जिले के रहने वाले हैं और 1998 में ही पुणे आ गए थे। उसके बाद से इसी जगह पर रह रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, भारतीय पाए जाने पर पकड़े गए लोगों को छोड़ दिया गया। एसीपी सरजेरो बाबर ने कहा, “तीनों पुरुष भारतीय हैं और इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। यह सही है कि तीनों में से एक ने शिकायत की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मनसे कार्यकर्ताओं ने उन्हें परेशान किया। हम पूछताछ करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।”

वहीं मनसे के सचिन काटकर ने कहा, “राज ठाकरे साहब ने हमें अवैध रूप से महाराष्ट्र में रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुस्लिमों को हटाने के लिए आदेश दिया था। इस निर्देश का पालन करते हुए हम सुबह-सुबह घनी भीड़ वाले बालाजीनगर इलाके में पुलिस की मौजूदगी में इकट्ठा हुए, जहां कई अवैध प्रवासी रहते हैं। छापेमारी करने के बाद, हमने अवैध बांग्लादेशियों को पुलिस को सौंप दिया। हालांकि उन्होंने कुछ आईडी दस्तावेज दिखाए, वे स्पष्ट रूप से नकली थे।”

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