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मिजोरम में नवनियुक्त राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन को ईसाई विरोधी बताकर उनका विरोध शुरू हो गया है. राजशेखरन को लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) निर्भय शर्मा की जगह नियुक्त किया गया है.

मिजोरम में दो संगठन ग्लोबल काउंसिल ऑफ इंडियन क्रिश्चियंस और पीपुल्स रिप्रजेंटेशन फॉर आइडेंटिटी एंड स्टेटस ऑफ मिजोरम (PRISM) ने आंदोलन छेड़ राजशेखरन की नियुक्ति का विरोध किया है.

बता दें कि राजशेखरनराष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रह चुके हैं. ईसाई संगठनों का आरोप है कि वह ईसाई विरोधी है. PRISM अध्यक्ष वनलालरुआता ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि के राजशेखरन को हमारे राज्य मिजोरम का नया राज्यपाल बनाया गया है. सभी जानते हैं कि वह एंटी सेक्युलर हैं. वह आरएसएस और वीएचपी के कार्यकर्ता रह चुके हैं. हम सभी जानते हैं कि वह एंटी क्रिश्चियन हैं.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वनलालरुआता ने इस नियुक्ति की आलोचना करते हुए कहा, हम एक क्रिश्चियन स्टेट हैं. वह आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता रह चुके हैं. इस साल के आखिर में मिजोरम में चुनाव होने हैं. हमें इस बात में कोई शक नहीं है कि भाजपा ने इसीलिए उनकी नियुक्ति की है. अगर वह वहां होंगे, तो भाजपा उनका इस्तेमाल करेगी.

PRISM ने मिजोरम के सभी चर्च, पार्टियों और एनजीओ को पत्र लिख अपील की है कि वह नए राज्यपाल का विरोध करें.

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