Thursday, August 5, 2021

 

 

 

मिजोरम विधानसभा ने धार्मिक स्वतंत्रता पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

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CAA और एनआरसी के विरोध में विभिन्न राज्यों की विधानसभा में प्रस्तावों के पारित होने के बाद अब मिजोरम विधानसभा ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रस्ताव पारित किया है। जिसमे केन्द्र से संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।

प्रस्ताव पेश करने वाले विपक्षी कांग्रेस विधायक दल के नेता जोदिंतुआंगला ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक खतरे में हैं और 2014 में केन्द्र में भाजपा नीत राजग की सरकार बनने के बाद से धार्मिक उत्पी’ड़न बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजग सरकार में अल्पसंख्यकों पर अत्या’चार और मस्जिदों तथा गिरजाघरों समेत उनके धार्मिक स्थलों में तो’ड़फोड़ के मामले बढ़े हैं।

मुख्यमंत्री जोरमथंगा और नेता विपक्ष लालडुहोमा ने प्रस्ताव पर चली लंबी चर्चा में हिस्सा लिया। वही राज्य में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के विधायकों ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर धार्मिक उत्पी’ड़न के मामले कांग्रेस शासनकाल में कहीं ज्यादा थे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने शुक्रवार को विधानसभा को बताया कि राज्य में अवैध प्रवासियों और वैध निवासियों की पहचान करने संबंधी ‘मिजोरम मेंटिनेंस ऑफ हाउसहोल्ड रजिस्टर्स बिल 2019’ केंद्र के समक्ष मंजूरी के लिए लंबित है। जोरमथंगा ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखेगी कि विधेयक को केंद्र की मंजूरी मिल जाए।

उन्होंने सदन से कहा, ‘‘विधेयक केंद्र के पास है और इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।’’ मुख्यमंत्री ने इसे विधानसभा में पेश किया था और इसे 18 मार्च 2019 को पारित किया गया था। इसके बाद से करीब एक साल से यह विधेयक केंद्र सरकार के पास उसकी मंजूरी के लिए लंबित है।

एक अधिकारी ने बताया कि एनआरसी से मिलते जुलते इस विधेयक को विधानसभा में पारित होने के बाद राज्यपाल को भेजा गया था जिन्होंने इसे केंद्र के पास भेज दिया गया था क्योंकि इसमें अवैध प्रवासियों का पता लगाने की बात की गई है और यह विषय केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है।

जोरमथंगा ने यह विधेयक पेश करते हुए कहा था कि इस विधेयक के लागू होने से राज्य सरकार को अवैध प्रवासियों एवं वैध निवासियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा था कि राज्य में सीमा पार से घुसपैठियों का आना कई दशकों से गंभीर चिंता का विषय रहा है।

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