जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्‍पा) हटाने की एक बार फिर से मांग उठाई. उन्होने कहा है कि कुछ इलाकों से ‘अफस्‍पा’ हटाकर इसका ‘असर देखना चाहिए’.

महबूबा ने आफ्स्पा हटाने की वकालत करते हुए कहा कि सुशासन सुनिश्चित करने के लिए उन्हें शांति की गुंजाइश चाहिए ताकि हथियारबंद लड़ाकों की ओर से कब्जाई गई जगह कम की जा सके. उन्होंने कहा कि पीडीपी और बीजेपी एक एजेंडा ऑफ अलायंस पर साथ आए थे, जिसमें आफ्स्पा हटाना भी शामिल था. उन्होंने आगे कहा, ‘हमें आफ्स्पा हटाने से परहेज नहीं करना चाहिए. जब चीजें सुधर रही हैं, तो क्यों नहीं ?’

उन्होंने कहा, ‘जब हालात खराब होते हैं तो हम परहेज नहीं करते. हम ज्यादा सुरक्षा बलों को बुलाने से परहेज नहीं करते…..हम सेना को पहले से ही सक्रिय रहने को कहते हैं, लेकिन जब हालात सुधरते हैं तो हमें इस तथ्य से परहेज नहीं करना चाहिए कि हमें कुछ इलाकों से आफ्सापा हटाने की शुरुआत करने की जरुरत है और देखना है कि इसका क्या असर होता है.’

इसी के साथ उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से नियंत्रण रेखा के पार से व्यापारिक गतिविधियां बहाल करने की मांग की. मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि चक्कां दा बाग स्थित  व्यापार सुविधा केंद्र पर व्यापारिक गतिविधियां जल्द बहाल की जाए, क्योंकि इस केंद्र की व्यापारिक गतिविधियों पर ही कई स्थानीय कारोबारियों की रोजी-रोटी निर्भर है.

राजनाथ ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वह मामले पर गौर करेंगे और संबंधित एजेंसियों को उसी के मुताबिक निर्देश दिये जाएंगे.

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