जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सांप्रदायिक हिंसा को आतंकवाद की तरह खतरनाक बताते हुए कहा कि सांप्रदायिक हिंसा, आतंकवाद की तरह खतरनाक है, क्योंकि इसका असर सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को बर्बाद कर देता है, जो कि क्षेत्र के हर एक कोने तक फैलता है.

मुफ़्ती ने जम्मू में अतिसंवेदनशील क्षेत्रो के बारे में कहा कि जम्मू में मुस्लिमों और हिंदुओं की आबादी लगभग-लगभग बराबर है, जो कि इस इलाके को संवेदनशील बनाता है जिसे सतर्कता के साथ संभालने की जरूरत है. उन्होंने आगे कहा कश्मीर में आतंकवाद की समस्या है, जबकि जम्मू में कुछ लोग स्थिति को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो आतंकवाद जितना ही खतरनाक है और उसके नतीजे भी वैसे ही हैं.

मुफ़्ती ने  कहा कि उनके पिता मुफ्ती सईद ने जम्मू रीजन में हिंदू-मुस्लिमों के भाईचारे के लिए बीजेपी के साथ गठजोड़ किया था.





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