जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती द्वारा पम्पोर में सैनिको की शहादत पर दिये गयें बयान ने विवाद पैदा कर दिया हैं. नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता ने दावा किया कि महबूबा मुफ्ती ने पम्पोर में शहीद सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि ‘‘हमले के कारण वह मुस्लिम होने पर शर्मिंदा हैं’’.

मट्टू ने मेह्बुबा मुफ़्ती पर करारा हमला करते हुए कहा कि ‘‘यही महबूबा मुफ्ती हैं जो कहती थीं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। अब अचानक वह आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ रही हैं जिसके लिए मुस्लिमों को शर्मिंदा होना चाहिए”.

उन्होंने मुफ़्ती के बयान को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री की तरफ से ऐसा कहना शर्मनाक है’’. इस मामले में नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि ‘‘इस तरह से महबूबा मुफ्ती ‘इस्लामिक आतंकवाद’ के दल में शामिल हो गई हैं जबकि सालों से कहती रही हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता’’.

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