mehजम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सुरक्षा बलों को निर्देश देते हुए कहा कि पेलेट बंदूकों का इस्तेमाल न किया जाए. साथ ही पथराव करने वालोंं और उग्रवादियों के बीच के फर्क को भी समझा जाना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की पासिंग आउच्च्ट परेड में मुफ़्ती ने कहा कि घाटी में हालिया अशांति के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग किया गया था. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बल प्रयोग करना पड़ता हैं. क्योंकि हमें जम्मू-कश्मीर के लोगों की जान और माल की सुरक्षा करनी थी.

उन्होंने आगे कहा, यदि हमने ऐसा नहीं किया होता, तो और हत्याएं होतीं, और नुकसान होता. लेकिन अब, हमारा लक्ष्य ऐसे लोगों को ध्यान में रखना होना चाहिए जो इस स्थिति, हड़तालों और कर्फ्यू के कारण अपने घरोंं में कैद हैं और देखना होगा कि पिछले छह महीने में उनके साथ क्या हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब मैं सोचती हूं कि स्थिति में सुधार के बाद लोगों के घावों को भरने का वक्त आ गया है. अब हमें अपने तरीके बदलने होंगे. हमें चार महीने पुरानी स्थिति और मौजूदा हालात में फर्क करना होगा. हमें युवाओं पर खस ध्यान देना होगा.’

महबूबा ने कहा, ‘‘हम प्रत्येक युवा को समान तराजू में नहीं तोल सकते, सभी को संदेह भरी नजरों से नहीं देख सकते, तभी स्थिति में सुधार आएगा. हमें उग्रवादियों और उनके परिवारोंं में फर्क करना होगा. हमें उग्रवादियों और उनके माता-पिता, भाई-बहनों तथा बच्चों में फर्क करना होगा, हम उन्हें एक ही तराजू में नहीं तोल सकते.’


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