Sunday, September 19, 2021

 

 

 

मेघालय: 19 दिन से फंसे हैं अवैध कोयला खदान में काम कर रहे गरीब मुस्लिम, नेवी के गोताखोर कर रहे तलाश

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शिलांग: भारतीय नौसेना के गोताखोर सोमवार को फिर से मेघालय की उस बाढ़ग्रस्त खदान में घुसे जहां 15 खदानकर्मी फंसे हुए हैं। नेवी के गोताखोर खदान की तह तक पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन उन्हें वहां फंसा हुआ कोई भी मजदूर नजर नहीं आया।

ये सभी मजदूर पिछले साल 13 दिसंबर से पूर्वी जयंतिया हिल्स इलाके में बाढ़ से घिरी एक गैरकानूनी कोयला खदान में फंसे हुए हैं। इस सबंध में सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा कि अगर सरकार कदम उठा रही है तो खदान के मजदूरों का क्या हुआ? बेंच ने कहा, ‘मजदूरों को खदान में फंसे हुए कितने दिन हो गए? क्या इस मामले में केंद्र, राज्य और एजेंसियों के बीज समन्वय नहीं है? क्या कोर्ट सेना को कदम उठाने के लिए आग्रह नहीं कर सकता? हम अभी तक उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं. मजदूरों को बाहर निकालने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। अगर ये भी माना जा रहा है कि वो जिंदा हैं या नहीं तो भी उन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए।’

इसके जवाब में मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, ‘राज्य सरकार फंसे हुए खनिकों को बचाने के लिए कदम उठा रही है। एनडीआरएफ के 72, भारतीय नौसेना के 14, तथा कोल इंडिया के कर्मचारी 14 दिसंबर से ही इसके लिए काम कर रहे हैं।’ इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया, ‘फिर वे कामयाब क्यों नहीं हुए हैं…?’

कोर्ट ने कहा कि वो खदान में इतने दिनों से फंसे हैं ऐसे में एक-एक सेकेंड कीमती है। केंद्र को कुछ कदम उठाना है, जरूरत पड़े तो सेना को बुलाया जाए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब थाईलैंड में हाईपावर पंप भेजे जा सकते हैं तो यहां क्यों नहीं?

इस बीच कोयले की खदान में फंसे 15 मज़दूरों की सरकार ने एक सूची जारी की है जिसमें अधिकतर मज़दूर निचले असम के मुसलमान हैं।

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