लखनऊ: पिछले दिनों मौलाना तौकीर रज़ा ने देवबंद जाकर मुस्लिम नौजवानों की गिरफ़्तारी तथा अन्य समस्याओं को लेकर बरेलवी ओर देवबंदी फिरके को एक मंच पर आने की बात कही थी जिसे लेकर बरेली से उनपर फतवा तक निकल गया था.

वहीँ मौलाना तौकीर रज़ा का कहना है की एक ऐसा साझा एजेंडा बनाना चाहिए जिसे लेकर दोनों फिरके एक साथ खड़ें हो सके. पंजाब केसरी में प्रकाशित खबर के अनुसार, बरेलवी मसलक के धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा खां ने आज टेलीफोन पर बताया कि हाल में उन्होंने देवबंद में 2 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी के बाद दारुल उलूम देवबंद जाकर बरेलवी और देवबंदी मसलक के लोगों को अपनी-अपनी मान्यताएं बरकरार रखते हुए एकजुट होने की पेशकश की थी। खां का दावा है कि देवबंद के जिम्मेदार और आेहदेदार लोगों ने उनकी इस कोशिश में साथ देने का भरोसा दिलाया है।

दूसरी तरफ मदरसा देवबंद का कहना है की अगर एक शख्स की जगह पूरा बरेलवी मसलक एकजुटता की तरफ बढ़े तो अच्छा होगा। दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना अब्दुल कासिम नोमानी ने कहा कि तौकीर रजा खां ने देवबंद पहुंचकर बरेलवी और देवबंदी मसलक के लोगों को मुस्लिम कौम की तमाम समस्याआें को सुलझाने के लिए एक मंच पर लाने की पेशकश की थी। जो काबिले तारीफ है.

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