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लखनऊ: बाबरी मस्जिद की जमीन को समझौते के नाम पर राम मंदिर निर्माण के लिए सौपने की वकालत करने वाले मौलाना सलमान नदवी पर रिश्वत का गंभीर आरोप लगा है. जो अब पुलिस तक पहुँच चूका है.

अयोध्या सदभावना समन्वय समिति के महासचिव अमरनाथ मिश्रा ने मौलाना सलमान नदवी के खिलाफ समझौते के बदले 5000 करोड़ रुपये, 2 एकड़ ज़मीन और राज्यसभा की सीट मांगे जाने पर लखनऊ के हसनगंज थाने में तहरीर दी है. तहरीर में मौलाना पर झूठ बोलने और नदवा कालेज में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की मांग की है.

अमरनाथ ने दावा किया कि उनकी और मौलाना नदवी की पांच फरवरी को लखनऊ के नदवा कॉलेज में मुलाकात हुई थी. इस दौरान इमाम कौंसिल के महासचिव हाजी मसरूर खान भी मौजूद थे. नदवी ने हमसे प्रस्ताव मांगा था तो साथ में पांच हज़ार करोड़ रुपये, दौ एकड़ ज़मीन और राज्यसभा की सीट मांगी थी. मौलाना नदवी ने अपना यह प्रस्ताव सबसे पहले श्री श्री रविशंकर के सामने रखा था.

अमरनाथ के आरोपो की तस्दीक इमाम कौंसिल के महासचिव हाजी मसरूर खान ने भी की है. हालांकि मौलाना नदवी ने अमरनाथ के सारे आरोपों को खारिज़ करते कहा कि वह अमरनाथ या हाजी मसरूर खान को नहीं जानते हैं. मौलाना नदवी के अनुसार अमरनाथ झूठ बोल रहे हैं. नदवी ने इस परे मामले को साजिश करार दिया. नदवी ने इन आरोपों को लगाने वाले अमरनाथ पर कानूनी कार्रवाई करने से भी मना कर दिया.

ध्यान रहे नदवी ने समझौते को लेकर कहा था कि हंबली मसलक के मुताबिक, मस्जिद दूसरी जगह शिफ्ट की जा सकती है. हम मस्जिद में बुत नहीं रख रहे, बल्कि मस्जिद शिफ्ट करने की बात कर रहे हैं. ये देश और मुसलमानों के हित में है. जिसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.

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