Saturday, July 31, 2021

 

 

 

मौलाना जाबिर बरकाती ने तहफ़्फुज़ ए नामूस ए रिसालत बोर्ड को दी अपने एक महीने की तनख्वाह

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मुंबई: जामा मस्जिद वर्ली के इमाम ओ खतीब मौलाना जाबिर बरकाती ने तहफ़्फुज़ ए नामूस ए रिसालत बोर्ड को अपने एक महीने की तनख्वाह तहफ़्फुज़ ए नामूस ए रिसालत के लिए दी है। उन्होने अपनी एक महीने की तनख्वाह 12500 रुपए हुजूर मोईन मियां साहब के हाथों में सौंपी।

हुजूर मोईन मियां साहब को अपनी एक महीने की तनख्वाह सौंपते हुए मौलाना जाबिर बरकाती ने कहा कि वह नामूस ए रिसालत और अजमत ए कुरान के लिए अपनी तनख्वाह आप की बारगाह में पेश कर रहे है और जब भी तहफ़्फुज़ ए नामूस ए रिसालत के लिए आवाज देंगे हाजिर रहेंगे। हमारे लिए अज़मत ए रिसालत से बढ़कर कोई चीज नहीं है।

वहीं  हुजूर मोईन मियां साहब ने कहा कि नामूस ए रिसालत और अजमत ए कुरान मुसलमानो की लिए आखिरत का जरिया है और हर मुसलमान को इसमे तन-मन और धन से शामिल होना चाहिए। इसके अलावा अल्हाज मुहम्मद सईद नुरी साहब ने कहा कि मुसलमानों के पास जो कुछ भी है अल्लाह और हुजूर का दिया हुआ है।

उन्होने कहा, तहफ़्फुज़ ए नामूस ए रिसालत बोर्ड बनाने का मकसद हुजूर के लिए अपनी गुलामी का नजराना पेश करना है। नूरी साहब ने देश के तमाम मुस्लिमो से भारतीय संविधान को हथियार बनाकर नामूस ए रिसालत के लिए आगे आने की अपील की। उन्होने बताया नामूस ए रिसालत के कानून की मांग देश में बढ़ती जा रही है और ये कानून लागू होता है तो गुस्ताखों पर लगाम लग जाएगी।

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