बिहार के जिस अस्पताल में हुई 108 बच्चों की मौ’त वहां पर मिले कई मानव कंकाल

5:43 pm Published by:-Hindi News

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित सरकारी अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के पीछे शनिवार को मानव कंकाल मिले हैं। यह वही अस्पताल है जहां पर चमकी बुखार (इन्सेफेलाइटिस) से सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। इस अस्पताल में अब तक 108 बच्चों की मौत हो चुकी है।

मानव शरीर के अवशेष मिलने के बाद अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसके शाही ने कहा, ‘पोस्टमॉर्टम विभाग प्राचार्य के अधीन आता है, लेकिन इसमें मानवीय संवेदनाओं को ध्यान रखना चाहिए। मैं प्रिंसिपल से बात करूंगा और उन्हें इस मामले की जांच के लिए जांच कमेटी बनाने के लिए कहूंगा।’

मालमे के सामने आते ही मुजफ्फरपुर जिले के डीएम आलोक रंजन घोष ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही डीएम ने संबंधित विभागों और प्रशासन से इसपर रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं एसकेएमसीएच के एक जांच दल ने उन जगहों का दौरा किया जहां पर मानव कंकाल पाए गए हैं। पुलिस की एक टीम ने भी अस्पताल का दौरा किया।

ढाई साल पहले हुआ था नर कंकालों की तस्करी का खुलासा

एसकेएमसीएच में करीब ढाई साल पहले नर कंकालों की तस्करी का खुलासा हुआ था। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा किया गया था कि अज्ञात शवों के कंकालों का अवैध व्यापार किया जाता है। नवंबर 2016 में खुलासा होने के बाद तत्कालीन सिविल सर्जन ललित सिंह ने मामले की जांच करवाई थी।

स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया था कि शव गृह(पोस्टमॉर्टम हाउस) में काम करने वाले निजी सफाई कर्मचारी प्रत्येक मानव कंकाल को अवैध रूप से 8,000 रुपये में बेचते थे। अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार करने की बजाय शरीर से मांसपेशियां और चमड़ा हटाकर उन्हें अवैध व्यापार के लिए संरक्षित रखा जाता था और फिर बेच दिया जाता था।

20 हजार में हुआ था तीन कंकालों का सौदा

स्टिंग ऑपरेशन में शामिल सदस्यों ने काफी मोल-जोल के बाद तीन कंकाल 20 हजार रुपये में उपलब्ध कराने का सौदा तय किया था। अग्रिम राशि लेने के बाद एक कंकाल को पोस्टमॉर्टम हाउस के सामने शौचालय की छत पर रखा गया था।
जिन लोगों ने यह सौदा किया था, उन्होंने कंकाल उस समय नहीं लिये और यह कहते हुए वे बाकी रकम के साथ बाद में आएंगे। इस खुलासे के बाद राज्य भर में मामले ने काफी तूल पकड़ा था और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई थी।

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