Saturday, June 19, 2021

 

 

 

मणिपुर में भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ साबित हुआ जुमला, मुस्लिमों को टिकिट के लिए लगी निराशा हाथ

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सबका साथ, सबका विकास बीजेपी का ये नारा सिर्फ चुनाव प्रचार तक सीमित रहते हुए हकीकत में सिर्फ एक जुमला साबित हो रहा हैं.

यूपी और उत्‍तराखंड के बाद अब मणिपुर में भी भारतीय जनता पार्टी की और से किसी भी मुस्लिम को टिकिट नहीं मिला हैं. यहाँ तक कि पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की राज्य इकाई के अध्यक्ष को भी टिकट नहीं दिया गया है. पांच अलग-अलग विधानसभा सीटों से टिकट चाहने वाले 17 इच्छुक उम्मीदवारों में से केवल मोहम्मद अनवर हुसैन को लिलोंग से टिकट मिला है. इस विधानसभा क्षेत्र में राज्य में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी है.

तीन अन्य विधानसभा क्षेत्र कीराओ, वाबगई और वांगखेम में भी मुस्लिमों की अच्छी खासी आबादी है लेकिन पार्टी ने बहुसंख्यक मैतेई समुदाय से उम्मीदवार बनाया. पार्टी ने अभी तक कुल 60 विधानसभा सीटों में से 31 पर अपने उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की है.

अक्‍सर पीएम मोदी भी अपने भाषणों में सबका साथ, सबका विकास का नारा देकर मुसलमानों को लुभाते हैं. लेकिन हकीकत अब सबके सामने हैं. अब ऐसे में सवाल उठ रहा हैं कि यूपी और उत्‍तराखंड के बाद अब मणिपुर में भी बीजेपी को कोई काबिल मुस्लिम उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं

गौरतलब रहें कि 403 विधानसभा सीट वाले यूपी में भी बीजेपी ने किसी भी मुस्‍लिम को उम्मीदवार नहीं बनाया. और यही हाल उतराखंड का भी रहा हैं.

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