झारखंड के गोड्डा ज़िले में मवेशी चोर और असम के कार्बी आंगलांग ज़िले में बच्चा चोर समझ चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या से सबक लेते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी खबरों और फ़र्ज़ी पोस्ट की समस्या से निपटने के लिए नया कानून ला रही है।

इस कानून संबंधित जरूरी मसौदा तैयार कर कानून विभाग को भेज भी दिया गया है।एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि ‘हाल के दिनों में कई घटनाएं हुई हैं जब सोशल मीडिया पर लिखे गए पोस्ट के प्रमुख प्रभाव देखे गए.’

उन्होने कहा, ‘इन पोस्ट और अपराधों की गंभीरता के अनुसार भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाते हैं. अब राज्य सरकार प्रयास कर रही कि इन मामलों में आरोपी पाए गए व्यक्तियों और संस्थानों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए.’

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उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नया कानून बनाते हुए अपराधियों के रिकॉर्ड रखने के अलावा पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल तथा देश के अन्य हिस्सों में सोशल मीडिया पर फैली फ़र्ज़ी खबरों पर एक डेटा बैंक तैयार कर रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में जनता के बीच डर या चिंता पैदा करने या अपराध करने की मंशा से ऐसे पोस्ट डालने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया जाता है। आईपीसी धारा 504 उन मामलों के प्रयोग की जाती है जहां ‘शांति का उल्लंघन करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान पाया जाता है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कई पेड ट्विटर हैंडल और फेसबुक अकाउंट की पहचान की है जिनका ऐसे पोस्टों के लिए अलग -अलग तरीके से लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने इसकी भी पहचान की है कि फ़र्ज़ी ट्विटर हैंडल और फेसबुक अकाउंट चलाने वालों साथ ही फ़र्ज़ी खबरें, तस्वीरें तथा लेख साझा करने वाले लोगों का कैसे विभिन्न माध्यमों से वित्त पोषण किया जाता है।’

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