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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने मालेगांव ब्लास्ट मामलें में सनसनीखेज खुलासा करने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी महमूद मुजावर द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच कराने की बात कही हैं.

उन्होंने मुजावर के आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार इस मामले की जांच करेगी. फड़नवीस ने मुजावर के दावे पर कहा कि पत्र में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं यह देखने की जरूरत है. वहीँ एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने भी मामले की जांच की मांग की हैं.

निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर मेहबूब मुजाब ने सोलापुर कोर्ट के समक्ष पेश किए हलफनामे में दावा किया हैं कि  इस मामले के मुख्य आरोपी रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे को महाराष्ट्र एटीएस 26 दिसंबर 2008  को ही मार चुकी हैं. साथ ही दोनों की लाशों को 26/11 मुंबई हमले का अज्ञात पीड़ित बताकर ठिकाने भी लगा जा चूका हैं.

इसके बावजूद फिर भी इन्हें लापता बताया जा रहा हैं. मेहबूब ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि वे बीते 19 अगस्त को सोलापुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में इस बात के प्रमाण दे चुके हैं कि ये दोनों एटीएस द्वारा मारे जा चुके हैं. लेकिन एटीएस अभी भी इन दोनों को वांटेड बता रही है.

एनआईए के विशेष सरकारी वकील अविनाश रसल ने शुक्रवार को बताया कि मुजावर के सोलापुर कोर्ट में गुरुवार को दर्ज कराए बयान की अखबार में छपी प्रति भी कोर्ट को सौंप दी. रसल ने बताया कि एनआइए ने इस दावे का संज्ञान लिया है और वह इसकी गहन जांच करेंगे.


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