महाराष्ट्र में किसानो की हालत किसी से छुपी नहीं है. कर्ज के बोझ से लेकर फसल खराब होने को लेकर किसान अपनी जान खुद के हाथों लेने को मजबूर है.

शुक्रवार को राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा में बताया कि 2001 से अक्टूबर 2017 के बीच करीब 26,339 किसान आत्महत्या कर चुके है. इनमें से 12,805 किसानों ने केवल कर्ज और बंजर जमीन के कारण यह कदम उठाया.

दरअसल, विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने किसानों की आत्महत्या का मामला उठाया था. पाटिल के अनुसार, इस साल ही 1 जनवरी से 15 अगस्त के बीच मराठवाड़ा में 580 किसान आत्महत्या कर चुके है. इस साल केवल बीड़ जिले में 115 किसानों की आत्महत्या की जानकारी मिली.

इसी के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने  सदन को बताया कि राज्य में अब तक उनकी सरकार ने 43 लाख, 16 हजार, 768 किसानों की कर्ज माफी मंजूर कर दी है.

फडणवीस के अनुसार, बैंकों को 20 हजार 734 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं. 22 लाख किसानों के खाते में रकम जमा भी हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक अंतिम पात्र किसान को कर्ज माफी का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक कर्ज माफी की यह योजना जारी रहेगी.

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