मुंबई: राज्य में हुए हालिया निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत के लिए विपक्ष की और से ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ का आरिप लगाया गया हैं. विपक्षी दलों ने बीजेपी की जीत को ईवीएम घोटाला करार देते हुए मामले में दुबारा मतदान की मांग की है.

विपक्षी दलों की और से विरोध स्वरूप मंगलवार को पुणे में ईवीएम की अंतिम यात्रा निकाली गई. ये प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा शमशान तक पहुंची. जहाँ ईवीएम का अंतिम संस्कार भी किया गया. इस आंदोलन में कांग्रेस-एनसीपी के साथ एमएनएस के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए.

एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कहा कि, ईवीएम प्रणाली को दुनिया के प्रगत देशों ने नकार दिया है. ऐसे में अगर भारत का जनमत उसके खिलाफ जा रहा है तो ईवीएम के इस्तेमाल पर पुनर्विचार होना चाहिए.

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वहीँ  बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी का कहना है कि, ईवीएम में घोटाले का आरोप वे लगा रहे हैं जो अपनी हार पचा नहीं सकते. महाराष्ट्र की 10 महानगर पालिकाओं और 25 जिला परिषद के चुनाव में बीजेपी ने 6 महानगर पालिकाएं पर जीत दर्ज की हैं.

एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए भंडारी ने कहा कि वोट डालने से पहले सभी दलों के उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के सामने ईवीएम जांच परखकर सील की जाती हैं और उन्हें खोला भी सार्वजनिक रूप से तभी जाता है जब सभी दलों के उम्मीदवारों के प्रतिनिधि हाजिर हों. ऐसे में एक बार सील हो चुकी ईवीएम से छेड़छाड़ नामुमकिन है.

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