मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आज मराठा क्रांति मोर्चा ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के कई इलाकों में आंदोलन उग्र और हिंसक हो गया है। इसी बीच मांगों को लेकर एक युवक ने गोदावरी नदी में कूद कर खुदकुशी कर ली।जिसके बाद परभणी इलाके में मराठा आंदोलनकारियों ने कई सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया।

महाराष्ट्र बंद के दौरान आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक परिवहन सेवा, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस बंद से अलग रखा गया है। प्रशासन ने बताया कि सरकार मृतक काकासाहेब शिंदे के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देगी। साथ ही उनके छोटे भाई को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।

बंद का सबसे ज्यादा असर मराठवाड़ा इलाके में दिख रहा है। यहां स्कूल और कॉलेज बंद हैं। औरंगाबाद में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं और प्रदर्शनकारी धरना दे रहे हैं। औरंगाबाद-पुणे मार्ग भी बंद है। औरंगाबाद के डीएम उदय चौधरी ने कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार ने मराठा क्रांति मोर्चा की ज्यादातर मांगें स्वीकार कर ली है। साथ ही आरक्षण की मांग की रिपोर्ट जल्द ही सरकार को भेजी जाएगी।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा है कि यदि बंबई उच्च न्यायालय मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की अनुमति देता है तो प्रदेश में रिक्त 72 हजार पदों को भरते वक्त 16 प्रतिशत पद समुदाय के लोगों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ लोग कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की मांग की जा रही है। कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस पर मराठा आरक्षण को लेकर निशाना साधा।  कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन आज वो अपनी ही बात से मुकर रहे हैं।

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