राजस्थान के अलवर में गौरक्षकों के हाथों मारे गए रकबर उर्फ अकबर को इंसाफ दिलान के लिए कोल गांव में मेवात के मेव मुसलमानों ने महापंचायत आयोजित किया। इस पंचायत में रकबर को सम्मानित भी किया गया।

महापंचायत में न केवल हजारों की भीड़ उमड़ी बल्कि पहली बार सभी दलों के नेता एक मंच पर एक सुर में दिखाई दिए। पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर और स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव भी महापंचायत में शामिल हुए।

महापंचायत में निम्नलिखित मांगे प्रस्तुत की गई – 

  • मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। रकबर की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
  • रकबर के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने के साथ बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्चा सरकार के वहन करे।
  • रकबर की हत्या में साजिश रचने वाले नवल किशोर, ज्ञान देव आहूजा विधायक को दोषी बनाकर मामले में गिरफ्तार किए जाए, अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तारी किए जाए।
  • पुलिस द्वारा केस के मुख्य गवाह असलम के बयान उसके गांव कोलगांव में आकर या फिरोजपुर झिरका में आकर राजस्थान पुलिस दर्ज करे।
  • मुकदमे में जांच के नाम पर पीड़ित और गवाहों को पुलिस तंग न करे, साथ ही रकबर हत्या के लिए जो इंसाफ कमेटी बनाई है। उसके सदस्य मौजूद रहने चाहिए।

बता दें कि 21 जुलाई की रात ललावंडी गांव में गाय लेकर जा रहे गोपालक अकबर और असलम के साथ बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा समर्थित गौरक्षकों ने मारपीट की थी। जिसके बाद इलाज के अभाव में अकबर की मौत हो गई। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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