madras high court ll size min

टिकटॉक यूजर के लिए बड़ी खुशखबरी है। बुधवार (25 अप्रैल, 2019) को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने इस पर लगा अंतरिम बैन हटा दिया। यानी अब इस ऐप को प्ले स्टोर से फिर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इससे पहले टिकटॉक पर पॉर्नोग्राफिक कंटेंट के कारण बैन लगा दिया गया था। जिसके चलते नए यूजर्स इस एप को डाउनलोड नहीं कर सकते थे।

ताजा मामले में जस्टिस एन किरुबकरण और जस्टिस एसएस सुंदर की बेंच ने बैन हटाने से पहले टिकटॉक और अमीकस क्यूरी की दलीलें सुनीं। चीनी मोबाइल ऐप की तरफ से वरिष्ठ वकील इसाक मोहनलाल ने कोर्ट को बताया कि ऐसी भी तकनीक होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐप के जरिए अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड न हो। टिकटॉक की ओर से इस बाबत एक जवाबी हलफनामा भी दाखिल किया गया।

इससे पहले, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को आदेश दिया था कि वह टिकटॉक को अंतरिम राहत के मसले पर फैसला ले। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ कहा था कि अगर हाईकोर्ट फैसला नहीं ले पाएगा, तब अंतरिम आदेश खारिज माना जाएगा।

मद्रास उच्च न्यायालय के बुधवार के आदेश का स्वागत करते हुए टिकटॉक ने एक बयान में कहा, ”हम इस फैसले से खुश हैं। हमारा मानना है कि हमारे भारतीय उपयोगकर्ता ने भी इसका जोरदार स्वागत किया है, जो टिकटॉक का इस्तेमाल अपनी रचनात्मकता दिखाने के लिए करते हैं।” उसने कहा कि एप के दुरुपयोग के खिलाफ कंपनी के प्रयासों को मान्यता मिली है।

एपल और गूगल को यह जानने के लिए ईमेल किया गया है कि उन्हें टिकटॉक एप को अपने एप स्टोर पर उपलब्ध कराने में कितना समय लगेगा। लेकिन उनकी तरफ से अब तक कोई सूचना नहीं मिली है। टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस ने कहा है कि वह अब भी भारतीय बाजार को लेकर ‘बहुत आशावान’ है क्योंकि अगले तीन साल में उसकी योजना देश में एक अरब डॉलर के निवेश की है।

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