मध्य प्रदेश में एक के बाद के सामने आ रही रेप की घटनाओं ने शिवराज सरकार के मुंह पर कालिख पोत दी है. ऐसे में अब शिवराज सरकार एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है. हालांकि ये फैसले कितने कामयाब होंगे. ये वक्त आने पर ही पता चलेगा.

12 साल से कम उम्र की बच्ची से गैंगरेप पर फांसी की सज़ा का प्रावधान किये जाने के बाद अब सरकार अश्लीलता परोसने वाली साइट्स और टीवी चैनलों को बैन करने की तैयारी में है. सरकार का मानना है कि ऐसा करने से बलात्कार की घटनाओं में कमी आएगी.

इसके साथ ही रेप पीडिताओं को गन लायसेंस देने की प्राथमिकता है. हालांकि ये प्रस्ताव भी लंबित है. इसके अलावा गैंगरेप पर फांसी की सज़ा का प्रावधान को अभी राष्ट्रपति की इजाजत मिलना बाकी है.

आप को याद दिला दें कि बलात्कार के मामलों में मध्यप्रदेश पुरे भारत में पहले स्थान पर है. इसी के साथ नाबालिग से भी बलात्कार के मामलों में मध्यप्रदेश का पुरे भारत में पहला स्थान है. इस बारें में कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में कानून बना देने से समाधान नहीं निकलेगा.

एनसीआरबी के आकड़ों के अनुसार, 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज की गयी. जिनमे से 4882 सिर्फ मध्यप्रदेश में हुई है. जो की किसी भी राज्य में सबसे ज्यादा है.

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