गोरक्षा के नाम पर गुं’डाग’र्दी होगी अब बंद, कमलनाथ सरकार ने पांच साल की…

10:23 am Published by:-Hindi News

गोरक्षा के नाम पर होने वाली गुं’डाग’र्दी पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में ‘मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2019’ को मानसून सत्र के दौरान पेश किया। सदन में इसे पारित होने के बाद इसे अनुमोदन के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेजा गया है।

इसके कानून बनने पर गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों को मध्य प्रदेश में छह महीने से लेकर पांच साल तक की जेल की सजा मिल सकती है और गोवंश को लाने-ले जाने वाले व्यक्तियों को इसके लिए अभिवहन अनुज्ञा पत्र दिए जाएंगे, ताकि गोवंश के परिवहन में आने वाली कठिनाइयां दूर हो सकें।

मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव द्वारा सदन में पेश किए गए इस विधेयक के अनुसार इसके विधानसभा में पारित होकर कानून बनने के बाद यदि कोई शख्स अकेला गोरक्षा के नाम पर हिंसा करेगा तो उसे छह महीने से लेकर तीन साल की सजा और 25 हजार रुपए तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

वहीं गाय के नाम पर कानून के खिलाफ जाकर इकट्ठा हुई भीड़ में यदि किसी व्यक्ति द्वारा हिंसा की जाती है तो ऐसे व्यक्ति को एक साल से पांच साल तक की सजा और 50 हजार रुपए तक के जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान इस विधेयक में किया गया है।

पेश किए गए विधेयक के अनुसार, यदि अपराधी दोबारा ऐसा अपराध करता है तो उसकी सजा दोगुनी कर दी जाएगी। विधेयक के अनुसार गोरक्षा के नाम पर की गई हिंसा में यदि किसी व्यक्ति को पूर्व में न्यायालय ने दोषी ठहराया है और वह दोबारा गोरक्षा के नाम पर हिंसा का अपराध करता है, तो उसे उस अपराध में प्रावधान के तहत मिलने वाले कारावास की दोगुनी सजा दी जाएगी।

संशोधन विधेयक के जरिये मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य में गोवंश परिवहन के नियमों में बदलाव भी करने जा रही है, ताकि प्रदेश में गोवंश परिवहन आसान हो सके और स्वयंभू गोरक्षक इनका परिवहन करने वाले किसी व्यक्ति को परेशान ना कर सके। इसके लिए इस विधेयक में कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार गोवंश के एक स्थान दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए एक विशेष पत्र दिया जाएगा, जिससे उन्हें रास्ते में किसी भी दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

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