12 साल की उम्र तक की बालिकाओं के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार करने वाले दोषियों को सजा-ए-मौत संबंधित विधेयक को आज विधानसभा से मंजूरी मिल गई. अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.

पारित विधेयक के अनुसार, भादंवि की धारा 376 (बलात्कार) और 376 डी (सामूहिक बलात्कार) में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई. दोनों धाराओं में दोषी को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया. इसके अलावा महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और उन्हें घूरने जैसे मामले में दोषियों को सजा के साथ एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया.

ध्यान रहे हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की और से जारी ताजा आकड़ों में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा मामलों में मध्यप्रदेश अव्वल आया है.  मध्यप्रदेश इस मामले में गत वर्ष भी देश में पहले स्थान पर था.

एनसीआरबी के आकड़ों के अनुसार, 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज की गयी. जिनमे से 4882 सिर्फ मध्यप्रदेश में हुई है. वहीँ नाबालिग बालिकाओं के साथ बलात्कार के मामले में भी मध्यप्रदेश देश पहले स्थान पर है. मध्यप्रदेश में 2479 मामले सामने आये ह.

हालंकि एनसीबीआर के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या में वर्ष 2014 की तुलना में 28,756 से कम होकर वर्ष 2016 में 26,604 हुई है.

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