लखनऊ: उदयगंज के मुरलीनगर में शीशे वाली मस्जिद के पीछे 60 साल पुराना जर्जर मकान शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक से ढह गया। हादसा उस वक्त हुआ जब मस्जिद में जुमे की नमाज होने वाली थी। हादसे की खबर सुनकर नमाज़ी घायलों को बचाने के लिए दोड़ पड़े और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।

इस हादसे में किराए पर रहने वाले बहराइच निवासी नदीम, चांदबाबू और अभिषेक घायल हो गए, जबकि शाहबुद्दीन उर्फ किन्नू और इम्तियाज की मौत हो गई। नमाजियों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। घटना के एक घंटे बाद डीएम कौशलराज शर्मा, मेयर संयुक्ता भाटिया और कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी मौके पर पहुंचीं।

जानकारी के अनुसार, बहराइच निवासी किन्नू उर्फ शाहबुद्दीन अपनी पत्नी रानी और 9 महीने के बेटे जयान के साथयहाँ रह रहे थे। हादसे के वक्त उनकी पत्नी मायके मे थी। किन्नू की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी रानी नौ महीने के मासूम बेटे जयान को लेकर घटनास्थल पर पहुंचीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान जर्जर होने के बावजूद मकान मालिक ने इसे तुड़वा कर बनवाने की इजाजत नहीं दी थी। इस कारण दो लोगों की जान चली गई। मकान किसी मुर्तजा अली का बताया जा रहा है। किन्नू के घर मे वह अकेला ही कमाने वाला था।

नदीम, चांदबाबू और अभिषेक कैंट रोड पर अंडा रोल और कबाब पराठे की दुकान लगाते हैं। शाहबुद्दीन उर्फ किन्नू और इम्तियाज इसी दुकान पर कारीगर थे। दोनों रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी यहां पहुंचे और दुकान लगाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान मकान ढह गया।

किचन कोने में होने के कारण ज्यादातर मलबा किन्नू और इम्तियाज के ऊपर ही गिरा। बाहरी हिस्से में मौजूद नदीम, चांदबाबू, और अभिषेक ने बचने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन गली संकरी होने के कारण मलबे की चपेट में आ गए। इनके ऊपर मकान का बाहरी हिस्सा गिरा।

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