कन्नूर की श्रुति और अनीस हमीद की लव मेरिज को केरल हाईकोर्ट ने ‘लव जिहाद’ मानने से इनकार करते हुए दोनों पति-पत्नी को साथ रहने की इजाजत दे दी है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती. आज प्रेम विवाह को प्रोत्साहित करने की जरूरत है. कोर्ट ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि सभी प्रेम विवाह को ‘लव जिहाद’ की संज्ञा नहीं दी जा सकती.

ध्यान रहे इसे पहले एक अन्य मामले में कथित प्रेम विवाह को हाईकोर्ट ने लव जिहाद करार देते हुए रद्द कर दिया था. जिसके बाद लड़की के पति शिफिन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NIA से जांच कराने का आदेश दिया.

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पिछले साल दिसम्बर में शफीन की शादी एक हिन्दू लड़की से हुई थी. शफीन का कहना है की शादी से पहले ही लड़की ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था. हालांकि लड़की के परिजनों का आरोप है की शफीन ने बहला फुसलाकर पहले उनकी लड़की से शादी की और फिर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया.

जिसके बाद केरल हाई कोर्ट ने इस शादी को रद्द कर लड़की को उसके परिजनों के हवाले कर दिया था. हालांकि ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

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